परिचय:-

उत्तराखंड बचाओ आंदोलन एक बेहतर, सुरक्षित और समृद्ध उत्तराखंड के लिए" नाम ही इरादों पर स्पष्टता प्रदान करता है। "उत्तराखंड बचाओ आंदोलन" की शुरुआत उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र की स्थिति को देखकर एटंरप्रेन्योस और पेशेवरों की टीम द्वारा 5अप्रैल2020 को शुरू किया गया,कुछ ही समय में यह आंदोलन पूरे भारत में फैल गया और लोकप्रिय हो गया, कई उत्तराखंड़ी उस आंदोलन में शामिल हो गए जो एक सुरक्षित,बेहतर और समृद्ध उत्तराखंड देखना चाहते हैं। आंदोलन का उद्देश्य स्व-रोजगार को बढावा देना और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण करना है

‘उत्तराखंड बचाओ आंदोलन’ इस पूरी रचनात्मक शक्ति को एक ऐसा मचं प्रदान करना चाहता है जो गांवों के वास्तविक विकास के काम आये। आजादी के बाद विकास को जिस तरह से परिभाषित किया गया है उससे यह समझ बदलती हुई है की‘जो गांव में रहता है वह पिछड़ा हुआ है, जो शहर में रहता है वह अगड़ा है।’ इस तरह की परिभाषा से लगातार हमारे गांवों से नौजवानों का बाहर जाना शुरू हुआ, जो आज तक जारी है। इसलिए गांव और उसकी अर्थव्यवस्था को नई दृष्टि से जानने-समझने की जरूरत है। जिस‘ग्राम स्वराज’ या ‘ग्राम सरकार’ की पररकल्पना समय-समय पर होती रही है, उसे भी दिशा देने का काम यह आंदोलन करेगा। यह तभी सभंव है जब हम पहाड़ के भौगोललक, सांस्कृतिक, सामाक्जक, राजनीतिक, आर्थिक, पर्यावरणीय, समसामयिक और विकास के सवालों को समझ सके। पहाड़ को नई दृष्टि और नई संभावनाओं के साथ देखने की कोशिस करें।