अमित शर्मा

अमित शर्मा जी “उत्तराखंड बचाओ आंदोलन” के  सक्रिय सदस्य है।

इस आंदोलन के मुख्य उद्देश्य :

  • रोजगार,
  • बेहतर शिक्षा,
  • बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली और
  • बेहतर बुनियादी ढांचा

अमित शर्मा  के बारे में :

अमित शर्मा जी ग्राम , जिला अल्मोड़ा के रहने वाले हैं, तथा वर्तमान में नई दिल्ली में रहते हैं और अपनी खुद की आईटी हार्डवेयर सेवा कंपनी Job रहे हैं

I will help to develop गाय डेयरी फार्म अपनै गाँव में स्थापित करने जा रहे हैं यह कंपनी उत्तराखंड पर ध्यान केंद्रित करेगी और स्थानीय लोगों के सहयोग से पहाड़ी क्षेत्र में कार्य करेगी , जिसका उद्देश्य स्व-रोजगार को बढ़ावा देना या रोजगार उत्पन्न करना होगा।

अब मैं अपने सभी अन्य उत्तराखंडी भाइयों से इस आंदोलन में शामिल होने की प्रार्थना कर्ता हू और अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एक टीम के रूप में कार्य करे ।

अमित शर्मा जी का दृढ़ विश्वास है कि “हमारे उत्तराखंडी भाई अपना पूरा सहयोग करेंगे और आगे आएंगे"

       ’जय देवभूमि उत्तराखंड, जय भारत

शेखरानन्द भट्ट

शेखरानन्द भट जी “उत्तराखंड बचाओ आंदोलन” के सक्रिय सदस्य है |

इस आंदोलन के मुख्य उद्देश्य :

  • रोजगार,
  • बेहतर शिक्षा,
  • बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली और
  • बेहतर बुनियादी ढांचा

शेखरानन्द भट के बारे में :

शेखरानन्द भट ग्राम भाट न्याल ज्यूला पोस्ट आफिस मनान, जिला अल्मोड़ा,263638 के रहने वाले हैं, तथा वर्तमान में गोवा में खनन विभाग मे कार्यरत है।

इन्होने माइनिंग इन्जीनियरिंग करने के बाद कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की तरफ रूख किया है.वे अपने गाँव में  'होम स्टे' स्थापित करने का विचार कर रहे है । यह योजना उत्तराखंड के पर्यटक सुविधा पर ध्यान केंद्रित करेगी और स्थानीय लोगों के सहयोग से पहाड़ी क्षेत्र में कार्य करेगी , जिसका उद्देश्य स्व-रोजगार को बढ़ावा देना तथा रोजगार उत्पन्न करना होगा।

शेखरानंद भट जी का संदेश 

 मैं अपने सभी अन्य उत्तराखंडी भाइयों से इस आंदोलन में शामिल होने की प्रार्थना करता हूँ, एवं अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एक दूसरे से मिल कर एक गुट में कार्य करने तथा अपना पुरा सहयोग देने की अभिलाषा रखता हूँ। 

 शेखरानन्द भट जी का विश्वास है कि “हमारे उत्तराखंडी भाई पूरा सहयोग करेंगे और अपना स्वः व्यवसाय स्थापित करने हेतु आगे आएंगे’’

                                               जय देवभूमि , जय उत्तराखंड

तारा दत्त भट् जी

तारा दत्त भट्ट  जी  “उत्तराखंड बचाओ आंदोलन” के  सक्रिय सदस्य है।

इस आंदोलन के मुख्य उद्देश्य

  • रोजगार,
  • बेहतर शिक्षा,
  • बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली और
  • बेहतर बुनियादी ढांचा

तारा दत्त भट्ट जी के बारे में :

ग्राम उभयारी, पोस्ट ऑफिस - कफड़ा, तहसील - रानीखेत, जिला अल्मोड़ा के रहने वाले हैं, तथा वर्तमान में नई दिल्ली में रहते हैं

तारा दत्त भट्ट जी की अपनी अंतरराष्ट्रीय कूरियर और कार्गो सेवा कंपनी (International Courier and Freight Forwarding Company) चला रहे हैं जिसकी भारत, लंदन, यूनाइटेड किंगडम में भी इकाइयाँ हैं और कारोबार कर रहे हैं !

उन्होंने हाल ही में एक थोक / खुदरा में वस्त्र / जूते / चप्पल / इलेक्ट्रॉनिक / घरेलू उपकरण (Wholesale/Retail in Garments / Footwear / Electronic / Home Appliances) सेवा कंपनी हल्द्वानी में बनाई है।जो व्होलसेल रेट पर सामान उपलब्ध कराएगी और बहोत जलदी गाय डेयरी फार्म अपनै गाँव में स्थापित करने जा रहे हैं यह कंपनी उत्तराखंड पर ध्यान केंद्रित करेगी और स्थानीय लोगों के सहयोग से पहाड़ी क्षेत्र में कार्य करेगी , कंपनी का उद्देश्य स्व-रोजगार को बढ़ावा देना या रोजगार उत्पन्न करना होगा !

श्री तारा दत्त भट्ट जी का दृढ़ विश्वास है कि “हमारे उत्तराखंडी भाई अपना पूरा सहयोग करेंगे और आगे आएंगे’’
जय देवभूमि उत्तराखंड, जय भारत

 

तारा दत्त शर्मा

तारा दत्त शर्मा जी “उत्तराखंड बचाओ आंदोलन” के  सक्रिय सदस्य है।
इस आंदोलन के मुख्य उद्देश्य :
• रोजगार,
• बेहतर शिक्षा व यूवाओ को स्वरोज़गार कै लियै प्रेरित करना
• बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली और
• बेहतर बुनियादी ढांचा

तारा दत्त शर्मा जी के बारे में : 
श्री तारा दत्त शर्मा जी ग्राम क्वाराली, पोस्ट ऑफिस - भगोती, तहसील - चोखूटिया, जिला अल्मोड़ा के रहने वाले हैं, तथा वर्तमान में नई दिल्ली में रहते हैं और Tour and Travels, mobile accessories and readymade garments trading का कार्य करतै है. 
बहुत जल्दी वो रामनगर व चोखूटिया मै अपनै कार्य को बढ़ा कर यूवाओ को अपनै साथ जोडना व स्वरोज़गार का अवसर देना चाहितै है. 
प्रयास होगा क़ी अधिक सै अधिक लोगों को जौड कर उत्तराखंड बचाओ आंदोलन को सफल बनाया जाय. 

तारा दत्त शर्मा जी का दृढ़ विश्वास है कि “हमारे उत्तराखंडी भाई अपना पूरा सहयोग करेंगे और आगे आएंगे’’
                           जय देवभूमि उत्तराखंड, जय भारत

जयदेव कैन्थोला

जयदेव कैन्थोला  जी “उत्तराखंड बचाओ आंदोलन” के  सक्रिय सदस्य है। 

इस आंदोलन के मुख्य उद्देश्य :
√√ स्वरोजगार को बढ़ावा देना (जिससे उत्तराखंड में रोजगार उत्तपन हो) 
√√ बेहतर शिक्षा (जिससे स्वरोजगार करने में और रोजगार मिलने में आसानी हो) 
√√ बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली 
√√ बेहतर बुनियादी ढांचा 

जयदेव कैन्थोला जी के बारे में :
श्री जयदेव कैन्थोला जी ग्राम - पालकोट, पोस्ट ऑफिस - धरासु, पट्टी - मवालस्यूँ, ब्लॉक - एकेश्वर, तहसील - चौबट्टाखाल, जिला पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड) के रहने वाले हैं तथा वर्तमान में ग़ाज़ियाबाद (उत्तर प्रदेश) में निवास करते हैं।

जयदेव कैन्थोला जी प्रॉपर्टी सलाहकार है। Jaklabs Homes के नाम से प्रॉपर्टी में सेवा दे रहे है। जयदेव कैन्थोला जी उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के विकास के लिए पिछले कई वर्षों से प्रयास रत थे और इसी प्रयास में उनकी मुलाकात श्री जगदीश भट्ट जी से हुई जो उत्तराखंड बचाओ की सुरुवात कर रहे थे, उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र के विकास के लिए श्री जगदीश भट्ट जी के विचार सुनकर उत्तराखंड बचाओ से जुड़ गये और आज सबसे सक्रिय सदस्य है। 

उत्तराखंड बचाओ  के सदस्यों ने, अपनी विचार गोष्ठी में, उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के विकास और पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार उत्तपन करने के लिए स्वरोजगार को बढ़ावा देने का निर्णय लिया, साथ ही स्वरोजगार के लिए एक सहभागी समूह बनाने का निर्णय लिया गया। 

उत्तराखंड बचाओ के सभी सदस्यों की सहमती से सहभागी समूह का नाम "उत्तराखंड जन विकास सहकारी समिति लिमिटेड" रखा गया है।  जिसे  उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से पंजीकृत कराया गया है

श्री जयदेव कैन्थोला जी सभी उत्तराखंडी भाई-बहिनों से निवेदन करते है कि उत्तराखंड बचाओ आंदोलन और उत्तराखंड जन विकास सहकारी समिति लिमिटेड को नई ऊँचाई तक ले जाने में सभी उत्तराखंडी भाई - बहिने एक साथ चलकर और एक टीम बन कर सहयोग दे।  जिससे उत्तराखंड बचाओ आंदोलन और उत्तराखंड जन विकास सहकारी समिति लिमिटेड अपने उद्देश्यों और लक्ष्यों को प्राप्त कर सके।

जगदीश भट्ट

जगदीश भट्ट जी  “उत्तराखंड बचाओ आंदोलन” के संस्थापक है, जो उन्होंने 6 अप्रैल 2020 को शुरू किया था।

इस आंदोलन के मुख्य उद्देश्य :

  • उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में स्वरोजगार, बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर शिक्षा को बढ़ावा देना है !
  • हमारे उत्तराखंड के लोगों को आत्म निर्भर बनाना तथा उत्तराखंड कोसुरक्षित और समृद्ध उत्तराखंड बनाना है !वह दृढ़ता से महसूस ( STRONGLY FEEL) करते हैं कि
  • रोजगार,
  • बेहतर शिक्षा,
  • बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली और
  • बेहतर बुनियादी ढांचा

और यहप्रत्येक हर एक उत्तराखंडी का भी प्राथमिक मौलिक अधिकार है जो पहाड़ी क्षेत्र में रहता है और उन्हें यह अधिकार मिलना चाहिए, जिसके लिए संघर्ष जारी है और रहेगा

जगदीश भट्ट जी जी के बारे में :

 जगदीश भट्ट  जी जीग्राम चंदरपुर, मनIन, तहसील सोमेश्वर, जिला अल्मोड़ा के रहनेवालेहैं, तथावर्तमान में नई दिल्ली में रहते हैं और अपनी खुद की आईटी सेवा कंपनी ( IT Services Company) चला रहे हैं जिसकी भारत, सिंगापुर, हांगकांग, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, यूएसए में भी इकाइयाँ हैं और कारोबार कर रही हैं !

अब मैं अपने सभी अन्य उत्तराखंडी भाइयों से इस आंदोलन में शामिल होने की प्रार्थना कर्ता हू और अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एक टीम के रूप में कार्य करे ।

उन्होंने हाल ही में एक कृषि उत्पाद और सेवा कंपनी बनाई है। यह कंपनी उत्तराखंड पर ध्यान केंद्रित करेगी और स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देगी। कंपनी का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं या लोगों के सहयोग से पहाड़ी क्षेत्र में कुछ लघु उद्योग स्थापित करना है, जिसका उद्देश्य स्व-रोजगार को बढ़ावा देना या रोजगार उत्पन्न करना है।

मुझे विश्वास है कि हम अपने उद्देश्यों में निश्चित रूप से सफल होंगे ! हम आप सभी से अनुरोध करते हैं कि, हमसे जुड़ें और हमारी यात्रा और सफलता का हिस्सा बनें।

जगदीश भट्ट जी का दृढ़ विश्वास है कि “ कोशिश करने वालों की हार नहीं होती”

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है, चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है

मन का विश्वास रगों में साहस भरता है, चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है !

आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती !

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है, जा जाकर खाली हाथ लौटकर आता है 

मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में, बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में

मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती
असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो, क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो

जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम, संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम

“कुछ किये बिना ही जय जयकार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती”
              जयदेवभूमिउत्तराखंड, जयभारत

दिग्विजय सिंह भन्डारी

दिग्विजय सिंह भन्डारी जी “उत्तराखंड बचाओ आंदोलन” के  सक्रिय सदस्य है।

इस आंदोलन के मुख्य उद्देश्य :
√√ स्वरोजगार को बढ़ावा देना (जिससे उत्तराखंड में रोजगार उत्तपन हो)
√√ बेहतर शिक्षा (जिससे स्वरोजगार करने में और रोजगार मिलने में आसानी हो)
√√ बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली
√√ बेहतर बुनियादी ढांचा

दिग्विजय सिंह भन्डारी जी के बारे में :

 दिग्विजय सिंह भन्डारी जी ग्राम - सिरसेठ, पोस्ट ऑफिस - कफनाखाल , पट्टी - कड़ाकोट, ब्लॉक - र्कीती नगर, जिला टिहरी गढ़वाल (उत्तराखंड) के रहने वाले हैं तथा वर्तमान में गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में निवास करते हैं।

दिग्विजय सिंह भन्डारी जी मिड साइज कंपनी के फाइनेंस एवं मैनेजमेंट सलाहकार है।  उनका मंत्र है  "स्केल विद स्पीड" उनका मानना है कि अब अगर मिड्साइज़  कम्पनीज़ को आगे बढ़ना है तो उन्हें  अपना स्केल और स्पीड दोनो पर कम करना होगा। पिछले 3 साल में उन्होंने कई कंपनीज के लिए sme के जरिये पैसा जुटाया और आजकल वो 40 साल से उपर के लोगों के हैल्दी लाइफ स्टायल पर काम कर रहे है  जिसका नाम अडवांटेज कोमुनिकेसन लिमिटेड है

उनकी मुलाकात श्री जगदीश भट्ट जी से हुई जो उत्तराखंड बचाओ की सुरुवात कर रहे थे, उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र के विकास के लिए श्री जगदीश भट्ट जी के विचार सुनकर उत्तराखंड बचाओ से जुड़ गये और आज सबसे सक्रिय सदस्य है।

उत्तराखंड बचाओ  के सदस्यों ने, अपनी विचार गोष्ठी में, उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के विकास और पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार उत्तपन करने के लिए स्वरोजगार को बढ़ावा देने का निर्णय लिया, साथ ही स्वरोजगार के लिए एक सहभागी समूह बनाने का निर्णय लिया गया।

उत्तराखंड बचाओ के सभी सदस्यों की सहमती से सहभागी समूह का नाम "उत्तराखंड जन विकास सहकारी समिति लिमिटेड" रखा गया है।  जिसे  उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से पंजीकृत कराया गया है

 दिग्विजय सिंह भन्डारी जी सभी उत्तराखंडी भाई-बहिनों से निवेदन करते है कि उत्तराखंड बचाओ आंदोलन और उत्तराखंड जन विकास सहकारी समिति लिमिटेड को नई ऊँचाई तक ले जाने में सभी उत्तराखंडी भाई - बहिने एक साथ चलकर और एक टीम बन कर सहयोग दे।  जिससे उत्तराखंड बचाओ आंदोलन और उत्तराखंड जन विकास सहकारी समिति लिमिटेड अपने उद्देश्यों और लक्ष्यों को प्राप्त कर सके।

संजय उनियाल

संजय उनियाल  जी  “उत्तराखंड बचाओ आंदोलन” के  सक्रिय सदस्य है। 

इस आंदोलन के मुख्य उद्देश्य :
√√ स्वरोजगार को बढ़ावा देना (जिससे उत्तराखंड में रोजगार उत्पन्न हो) 
√√ बेहतर शिक्षा (जिससे स्वरोजगार करने में और रोजगार मिलने में आसानी हो) 
√√ बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली 
√√ बेहतर बुनियादी ढांचा 

संजय उनियाल जी के बारे में :

 मुल निवास.ग्राम - दिखोल्यु पोस्ट ऑफिस -डुंगरीपन्थ,‌‌पट्टीचलणस्युं (ब्लॉक - खिर्सू).जिला पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड के रहने वाले हैं तथा वर्तमान में साउथ दिल्ली (लाजपत नगर ‌) में निवास करते हैं।

संजय उनियाल जी पोर्टा केबिन (Porta Cabin) का  व्यवसाय करते हैं। संजय उनियाल जी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में अपनी मसाले की फैक्टरी लगाने का प्रयास कर रहे थे, और इसी प्रयास में उनकी मुलाकात  जयदेव कैन्थोला जी से हुई, जिन्होंने उन्हें  जगदीश भट्ट जी के बारे में बताया, जो उत्तराखंड बचाओ की शुरुवात कर रहे थे, उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र के विकास के लिए  जगदीश भट्ट जी के विचार सुनकर उत्तराखंड बचाओ आन्दोलन से जुड़ गये, और आज सबसे सक्रिय सदस्य हैं। 

उत्तराखंड बचाओ आन्दोलन के सदस्यों ने अपनी विचार गोष्ठी में, उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के विकास और पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार उत्पन्न करने के लिए स्वरोजगार को बढ़ावा देने का निर्णय लिया, साथ ही स्वरोजगार के लिए एक सहभागी समूह बनाने का निर्णय लिया गया। 

उत्तराखंड बचाओ आंदोलन के सभी सदस्यों की सहमती से सहभागी समूह का नाम "उत्तराखंड जन विकास सहकारी समिति लिमिटेड" रखा गया है।  जिसे  उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से पंजीकृत कराया गया है।
मैं सभी उत्तराखण्डी  भाई-बहिनों से निवेदन करता हूं कि उत्तराखंड बचाओ आंदोलन और उत्तराखण्ड जन विकास सहकारी समिति लिमिटेड को नई ऊँचाई तक ले जाने में सभी उत्तराखण्डी भाई - बहिने एक साथ चलकर और एक टीम बन कर सहयोग दें।  जिससे उत्तराखंड बचाओ आंदोलन और उत्तराखंड जन विकास सहकारी समिति लिमिटेड अपने उद्देश्यों और लक्ष्यों को प्राप्त कर सके।0